3 नए कानून को लेकर पूरी जानकारी, इस गुनाह में सीधे मृत्युदंड

3 नए कानून को लेकर पूरी जानकारी, इस गुनाह में सीधे मृत्युदंड

अंग्रेजों के समय में बने IPC, CrPC और Evidence Act की प्राथमिकता लोगों को दंड देना था, न्याय करना नहीं। तीनों कानून में नागरिकों को केंद्र में लाकर मोदी सरकार ने सैद्धांतिक परिवर्तन किया है। गृह मंत्री ने बताया 18 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग महिलाओं से दुष्कर्म मामले में मृत्युदंड तय है। 

1.भारतीय न्याय संहिता बिल, 2. भारतीय साक्ष्य बिल और 3. भारतीय नागरिक सुरक्षा बिल में किए गए बदलाव से देश के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का overhaul होगा और पीड़ितों को अधिक से अधिक 3 साल के अंदर पूर्ण न्याय मिल सकेगा। गृहमंत्री अमित शाह आगे बताते है कि नए कानून में अंतरराज्यीय और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।

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◾नए कानून में अब यौन शोषण के मामलों में पीड़िता के बयान की वीडियो र‍िकॉर्ड‍िंग अनिवार्य होगी। 90 दिन के अंदर जाँच अधिकारी द्वारा आरोप पत्र दायर करने की अनिवार्यता से जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

◾सेशन कोर्ट द्वारा आरोपी को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद अब उनकी अनुपस्थिति में ट्रायल होगा और सजा सुनाई जाएगी। अमित शाह ने कहा लोकतंत्र में राजद्रोह का स्थान नहीं है। मोदी सरकार ने राजद्रोह के कानून को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। 

◾भारतीय न्याय संहिता बिल, भारतीय साक्ष्य बिल और भारतीय नागरिक सुरक्षा बिल में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए दंड को और अधिक कठोर करने के प्रावधान किए गए हैं। 

◾प्रशासनिक कर्मचारियों के खिलाफ लगे आरोप पर सरकार को 120 दिन के अंदर चार्जशीट या ट्रायल के लिए अनुमति या असहमति देनी होगी। 

◾डिजिटल रिकॉर्ड्स को वैधता देने से लेकर FIR और जजमेंट तक के डिजिटलीकरण से क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम पेपरलेस होगा और सर्च व जब्ती के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होने से निर्दोष को न्याय मिल सकेगा। 

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