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जब मुख्तार अंसारी को पार्टी ने निकाल दिया था, LIC बीमा में करोड़ों का धन, अब सब खाख में मिल गया 

 

Mafiya Mukhtar Ansari death: 28 मार्च को कार्डियक अरेस्ट के वजह से मुख्तार अंसारी की मौत हुई. माफिया मुख्तार अंसारी के शव का पीएम के बाद प्राथमिक रिपोर्ट में हृदय गति रुकने से मौत की पुष्टि हुई पीएम हाउस से निकले चिकित्सकों ने बताया कि पीएम में एक पीजीआई लखनऊ तीन बांदा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा समेत पांच सदस्य टीम शामिल रही

Mukhtar Ansari Death Live: मुख्तार अंसारी के घर पहुंचे पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी

मुख्तार अंसारी के घर समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी पहुंची है इसके अलावा कई और सपा नेता मुख्तार अंसारी के घर पहुंचे हुए हैं लगभग अब से कुछ देर बाद जनाजा उठाना शुरू हो जाएगा

Mukhtar Ansari Properties – कितनी है मुख्तार अंसारी की दौलत 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2014 लोकसभा चुनाव में दिए हलफनामे में मुख्तार अंसारी ने अपनी संपत्ति का खुलासा किया था इस खुलासा के मुताबिक मुख्तार के पास 18 करोड़ की संपत्ति थी जबकि 2017 विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे के अनुसार मुख्तार के परिवार के पास 72 लाख रुपए से ज्यादा सोना जबकि 20 करोड़ से अधिक रियल स्टेट प्रॉपर्टी वही बात करें बैंक डिपॉजिट और एलआईसी की तो उसके पास कुल 22 करोड रुपए जमा है, लेकिन यह प्रॉपर्टी है जिसकी घोषणा खुद मुख्तार अंसारी ने की थी पर रिपोर्ट्स के मुताबिक उसके पास करोड़ों की बेनामी संपत्ति भी है जिसे गैरकानूनी तरीके से हासिल किया गया था

जब मुख्तार को पार्टी ने निकाला था 

माफिया राजनेता अंसारी ने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता और अगले दो जिसमे स्वतंत्र रूप में 2007 में अंसारी बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए और 2009 के लोकसभा चुनाव में लड़े लेकिन असफल रहे इसके बाद वसपा ने 2010 में उन्हें आपराधिक गतिविधियों के चलते पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 

मुख्तार अंसारी ने अपने भाई के साथ बनाई पार्टी 

पार्टी से निकलने के बाद मुख्तार अंसारी ने अपने भाइयों के साथ अपनी ही पार्टी कौमी एकता दल का गठन किया और उत्तर प्रदेश विधाई विधानसभा चुनाव 2012 में मऊ सीट से विधायक चुने गए, 2017 में बसपा के साथ कौमी एकता दल को विलय कर लिया गया और बहुजन समाज पार्टी उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में पांचवीं बार विधायक के रूप में चुने गए

विंध्य रियासत डेस्क

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