पाकिस्तान में जन्मे बीजेपी के वरिष्ठ नेता हिंदू राष्ट्र की रखी नीव भाजपा गठन में निभाई भूमिका, रह चुके उपप्रधानमंत्री 

पाकिस्तान में जन्मे बीजेपी के वरिष्ठ नेता हिंदू राष्ट्र की रखी नीव भाजपा गठन में निभाई भूमिका, रह चुके उपप्रधानमंत्री 

पाकिस्तान के कराची शहर में जन्मे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता। आज गुमनाम है। एक समय था जब यह पार्टी के गठन में मुख्य भूमिका निभाई थी। इनका हिंदू राष्ट्र आंदोलन भी चला। 8 नवंबर 1927 को पाकिस्तान के कराची में जन्म हुआ। मुल्क बंटवारे के बाद वह भारत आ गए, और आज वरिष्ठ नेता के रूप में इस पार्टी में विद्वान है। उनका नाम है लालकृष्ण आडवाणी, ( Lal krishan Aadvani) इस बड़े वरिष्ठ नेता की शिक्षा लाहौर में हुई। जिसके बाद भारत के मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में ला में स्नातक किया। वर्तमान में भारतीय राजनीति में एक बड़ा चेहरा है। महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के बाद वह दूसरे ऐसे जननायक हैं। जिन्होंने हिंदू आंदोलन का नेतृत्व किया एवं बीजेपी की सरकार बनवाई, हालांकि वह पिछले कुछ समय से अपनी मौलिकता खोते हुए नजर आए है। अक्सर जिस छवि के लिए वह जाने जाते थे. उसके विपरीत वह आज समझौतावादी नजर आते हैं। हिंदुओं को मार्ग दिखाने वाले तथा सूत्रपात करने वाले आडवाणी में लोग 90 के दशक के आडवाणी को तलाश कर रहे हैं। वह अपने बयान बाजी को लेकर भी सुर्खियों में रहा करते थे। अपनी किताब और ब्लॉक से भी वह अक्सर चर्चा में बने रहते थे और कभी-कभार उनकी आलोचना भी हुआ करती थी।  

साल 1951 में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी. तब से लेकर वह वर्ष 1957 तक आडवाणी पार्टी के सचिव रहे थे, इसके बाद साल 1973 से 1977 तक आडवाणी ने भारतीय जन संघ के अध्यक्ष के पद का दायित्व संभाला। इसके बाद वर्ष 1980 में वह बीजेपी की स्थापना के बाद से 1986 तक लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के महासचिव के रूप में तैनात रहे। 1986 से लेकर 1995 तक वह पार्टी के अध्यक्ष का उत्तरदायित्व भी मिला,

राम रथ यात्रा 1990 

साल 1990 में जब राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथ यात्रा निकाली पर आडवाणी को बीच में ही गिरफ्तार कर लिया गया था. इस यात्रा के बाद आडवाणी की राजनीतिक कद और भी ऊंचा हो गया। साल 1990 की रथ यत्रा ने लालकृष्ण आडवाणी की लोकप्रियता बढ़ा दी. जिसके बाद वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया उसमें लालकृष्ण आडवाणी का भी नाम शामिल रहा.

3 बार रहे बीजेपी अध्यक्ष 

भारतीय जनता पार्टी में लालकृष्ण आडवाणी तीन बार अध्यक्ष पद को संभाल चुके हैं। यहां तक कि लालकृष्ण आडवाणी 4 बार राज्यसभा और करीब 5 बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं, साल 1977 से लेकर 1979 तक पहली बार वह केंद्र में कैबिनेट मंत्री का दायित्व संभाला, जिसके बाद उन्हें सूचना प्रसारण मंत्री भी बनाया गया.

वरिष्ठ नेता ने अभी तक राजनीतिक जीवन में सत्ता के जितने भी बड़े पद को संभाला है. वह एनडीए शासनकाल के दौरान उप प्रधानमंत्री का पद है। आडवाणी वर्ष 1999 में एनडीए की सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्री बने. इसके साथ फिर इसी सरकार ने उन्हें 29 जून वर्ष 2002 को उप प्रधानमंत्री के पद का दायित्व सौंप दिया। आपको बतादें भारतीय संसद में अच्छे सांसद के रूप में आडवाणी अपनी भूमिकाओं के लिए हमेशा से सराहनीय एवं पुरस्कृत कार्य किय तथा उन्हें सम्मानित भी किया गया,

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